Thursday, January 26, 2023
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बाइबिल में इज़राइल के बारे में तथ्य||Facts About Israel In Bible

आइए हम  बाइबल से इस्राएल, राष्ट्र और भूमि दोनों के बारे में कुछ महत्वपूर्ण तथ्य निकालें। और बिना किसी विशेष भविष्यसूचक व्याख्या के बाइबिल के पाठ को प्रस्तुत करें। बस परमेश्वर की आत्मा, सत्य की आत्मा को हमारे हृदयों में ग्रंथों की व्याख्या करने दें। पवित्र आत्मा, इस्राएल के बारे में सच्चाई को प्रकट करने के लिए ग्रंथों की व्याख्या करेगा।

इनमें से कुछ बाइबिल ग्रंथों के पीछे की सच्चाई को इतिहास से, या आज की दुनिया के अवलोकन से सत्यापित किया जा सकता है: और ये जाना जा सकता है की इस्राएल का परमेश्वर ही ईक्मात्र ईश्वर है.

1 अब्राम (अब्राहम) के साथ परमेश्वर की वाचा

परमेश्वर ने अब्राम (अब्राहम) के साथ बिना शर्त और चिरस्थायी वाचा बाँधी की उसके  वंशजों को एक महान राष्ट्र बनेयेगा । इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि, अब्राहम के द्वारा परमेश्वर पृथ्वी के सभी राष्ट्रों  को आशीष देगा , जिसका जिक्र हम (उत्पत्ति 12.2,3 उत्पत्ति 17.7) में पड़ सकते है ,

संसार को पहले ही अब्राहम के द्वारा आशीषित किया जा चुका है। जसे की हम जानते है  यीशु मशी भी एक यहूदी थे और मानव जाति का परमेश्वर से मेल मिलाप करने आए थे, और अज्ज हर एक राष्ट्र के लोग येशु मशी पर विस्वास कर रहे है और उस विस्वास के द्वारा एक असिषित जीवन जी रहे है‌‍. परमेश्वर ने अब्राहम से की अपनी प्रतिज्ञा को पूरा किया है जो ये साबित करता है की बाइबिल का परमेश्वर ही एक  साचा परमेश्वर है.

2 परमेश्वर ने इब्राहीम के वंशजों को “कनान की सारी भूमि” देने का  वादा किया था

(उत्पत्ति 17.8) बाइबिल हमें बताती है की  परमेश्वर ने इब्राहीम के वंशजों को “कनान की सारी भूमि” देने का वादा किया था, और इस वादा को परमेश्वर पूरा भी करता है, जब  इस्राएल के बारह गोत्र कनान से निकल कर मिस्र में रहने को चले  जाते है और लगभग 420 वर्ष रहने पर जब उन पर अत्याचार होने लगता है तो हमें याद करना चाये की किस तरह परमेश्वर मुशा के द्वारा , फिरौन और निर्गमन के माध्यम से, और अपनी दस आज्ञाएँ देकर अपनी शक्ति दिखाई। और वो राष्ट्र प्रदान किया जिसे देने का परमेश्वर ने उनके पुरखो से वादा  काया था  । राष्ट्र इस्राएल पहले से ही परमेश्वर के लिए एक मजबूत गवाह रहा है। और ये बात साबित करती है की वही एक मात्र ईश्वर है

3 .इस्राएल सभी राष्ट्रों में बिखर  जाते है 

परमेश्वर ने इस्राएल को चेतावनी दी थी  कि यदि वह उसकी आज्ञाओं और विधियों (व्यवस्था) का पालन करने में विफल रही तो वह उसकी आशीषों को प्राप्त नहीं करेगी। इसके बजाय, इस्राएल के लोग सभी राष्ट्रों में तितर-बितर हो जाएंगे (व्यवस्थाविवरण 28.15-68) में हम पड़ सकते है । और हमें यही देखे को मिलता हैं ,जब जब इसरायली लोग परमेश्वर से विमुख होते थे तब तब उन पर अगल बगल के राष्ट्र आक्रमण कर उन पर हावी हो जाते थे , इसका उदाहरण हमें तब देकने को मिलता है जब 598 ईसा पूर्व में राजा Nebuchadrezzar के द्वारा सब इस्रैलियो को बंदी बना के बाबुल ले जाया  जाता है और सारे येरुसलेम सहर को ध्वस्त कर दिया जाता है …

इसके विपरीत जब इस्राएल के अवज्ञाकारी गोत्र परमेश्वर की आज्ञाओं पर विचार करेंगे , और उनकी ओर लौटेंगे । तब परमेश्वर उन पर दया करेगा, और उन सब जातियोंमें से जहां वे तित्तर बित्तर हुई या, इकट्ठा करेगा (व्यवस्थाविवरण 30.1-3) , और हमें यही देखने  को मिलता है , लगभग 48 साल तक बेबीलोन की कैद में रहने के बाद 538 ईसा पूर्व में यहूदी फिर अपने देश लौटते है .परमेश्वर यह इस्राएल के लिए नहीं, बल्कि परमेश्वर अपने पवित्र नाम के लिए करता है (यहेजकेल 36.16-24)। यह एक “विवाह ” जैसा होगा, और इस्राएल को सिय्योन लाया जाएगा.

और इतना ही नहीं जब याहुदी येशु मसीह पर विस्वास करने से इनकार करते है तब लगभग 70 ईस्वी के बाद से इस्राएल के 12 गोत्र पूरे राष्ट्रों में बिखर जाते है । और इस बार लगभग 2000 सालो तक उन्हें अपने देश से बहार रहना पड़ता है . और 1948  में उन्हें अपना देश वापस मिलता है , मेरे प्रियो ये सब घटनाए हमारे परमेश्वर की सत्यता को प्रमाणित करती है की वही एकमात्र ईश्वर है उर अपने वचन का पक्का है.

4 यहूदियों को दुनिया भर में सताया गया है

सायद आप को मालूम होगा की  यहूदियों को दुनिया भर में सताया गया है। 19वीं सदी में रूसी नरसंहार और जर्मन होलोकोस्ट प्रमुख है । 1988, 1968 , 1973 के युद्धों में यहूदियों के खिलाफ अरब आक्रमण देखा गया था।

आज यह देखना कठिन नहीं है कि भविष्य में इस्राएल को किस प्रकार कष्ट सहना पड़ सकता है। संयुक्त राष्ट्र इजरायल का समर्थन नहीं करता है। और रूस ईरान का समर्थन करता है जो उसके प्रॉक्सी हमास का समर्थन करता है जिसके मुख्य उद्देश्य इज़राइल को खत्म करना है। ये इस लिए हो रहा है क्यों की परमेश्वर की दी हुए चेतावनी पूरी हो कर रहेगी .

5 परमेश्वर अपने बिखरे हुए लोगों को भूमि पर वापस ला रहा है

जी हा प्रियो परमेश्वर अपने बिखरे हुए लोगों को उस देश में वापस ला रहा है जिसकी उनसे इब्राहीम के द्वारा प्रतिज्ञा की गई थी। 1948 जब देश आजाद हुआ  तब से  फिलिस्तीन की यहूदी आबादी में 7,400 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। और आज भी यहूदी अपने देश लौट रहे है .

ये बाते साबित करता है की परमेश्वर उन्हें नहीं भुलाया है और अब्राहम से की हुए अपनी प्रतिज्ञा पूरा कर रहा है . 

मेरे प्रिये ये  तथ्य जो हमें बाइबिल इस्राएल के बारे में बताती है इस बात को साबित करती है की हमारा परमेश्वर ही एकमात्र परमेश्वर है जिसने हमें बचाने के लिए अपने पुत्र येशु मशी को इस संसार में भेजा ताकि हम उस पर विस्वास करे और अनंत जीवन प्राप्त करे .

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